दो दिवसीय प्रवास में दीक्षा, दर्शन और सनातन धर्म मीमांसा का मार्गदर्शन

राजनांदगांव। हिन्दू राष्ट्र अभियान के अंतर्गत अनन्तश्री विभूषित श्रीगोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाभाग दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर संस्कारधानी राजनांदगांव में विराजित हुए। उनके पावन आगमन से संपूर्ण नगर में धर्म, साधना और सनातन चेतना का वातावरण निर्मित हुआ।राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पाटीदार भवन में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं वैचारिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं, धर्मावलंबियों और सनातन संस्कृति के अनुयायियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर जगद्गुरु शंकराचार्य जी का मार्गदर्शन प्राप्त किया।अपने प्रवास के दौरान श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने 70 धर्मावलंबियों को दीक्षा प्रदान कर अनुग्रहित किया। 28 एवं 29 जनवरी को आयोजित कार्यक्रमों में भक्तजनों को सनातन धर्म की गूढ़ मीमांसा, जीवन मूल्यों और वैदिक दृष्टि से अवगत कराया गया।इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी ने दर्शन और दीक्षा के साथ श्रद्धालुओं से सीधा संवाद भी किया, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा।आयोजकों ने बताया कि जगद्गुरु शंकराचार्य जी का राजनांदगांव आगमन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि वैचारिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनके दर्शन एवं प्रवचनों के लिए राज्यभर से बड़ी संख्या में अनुयायी राजनांदगांव पहुंचे।श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य जी के आगमन एवं प्रवास के दौरान श्री शंकराचार्य जी स्वागत समिति, पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी, आनंद वाहिनी सहित अन्य सहयोगी संगठनों द्वारा संपूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।स्वागत समिति के प्रमुख दिनेश झा, नीरज पांचार्य, देवेंद्र ठाकुर, सूरज वैष्णव, लव नेताम और सागर यादव ने आयोजन में सम्मिलित हुए सभी सनातन धर्मावलंबियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।

